जय छत्तीसगढ़ महतारी

Our History

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आजादी के 75 सालों बाद भी आज छत्तीसगढ़ अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी, कुपोशण में भारत का पहला नंबर का राज्य बना हुआ है।  इन 75 सालों में कांग्रेस द्वारा 55 साल और भाजपा द्वारा 20 साल राज किया गया है।  इन 75 सालों में राजनीति प्रशासन के उच्च पदों पर छत्तीसगढ़ियों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ने के बजाय लगातार कम होती जा रहा है।  इसका एक मात्र कारण है यहॉ छत्तीसगढियॉ राजनैतिक नेता और राजनैतिक दल का अभाव जो सिर्फ छत्तीसगढियों का, छत्तीसगढ़ के लिये और छत्तीसगढ़ियों के द्वारा बना हो।  इसी राजनैतिक और प्रशासनिक षडयंत्र के कारण आज तक छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढियॉ दलित, शोशित और लाचार बना हुआ है।

सिर्फ खनिज संसाधन कच्चा तेल और उसके दम पर उन अरब देशों और उनके नागरिकों की समृद्धि कितनी ज्यादा है जबकि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इंच जमीन के नीचे कोई न कोई महॅगा खनिज और जमीन के ऊपर विशाल समृद्ध वन तथा विविधताओं से परिपूर्ण विस्तृत शानदार कृशि भूमि और दिन राज हाड़ तोड़ मेहनत करने वाला छत्तीसगढियों के होने के बाद भी हम छत्तीसगढ निवासी गरीबी के दलदल में शिक्षा की अज्ञानता में क्यों धसें हैं? हम अमीर धरती के गरीब छत्तीसगढियॉ क्यों बने हुए है? क्योंकि प्रत्येक क्षेत्र में हम छत्तीसगढ़ियों को पीछे धकेल कर कैसे हमारे हको और संसाधनों को लूटा जा रहा है वह हम आप मनला उदाहरण से बतावत हन।

1- कृशिः- छत्तीसगढ़ की अधिकांश आबादी और हमारी अर्थव्यवस्था पूर्णथा कृशि और कृशि संबद्ध आधारित है पर आज भी पूरे छत्तीसगढ. में शानदार मानसूनी वर्शा होने के बाद भी सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 30 प्रतिशत कृशि भूमि ही सिंचित है। अगर 75 साल के सरकारों द्वारा एक-एक प्रतिशत जमीन भी प्रत्येक वर्श सिंचित किया जाता तो आज छत्तीसगढ़ की 75 प्रतिशत कृशि भूमि सिंचित भूमि होता और हमारे किसान समृद्ध होते।  हमारी सरकार बनने के 05 वर्श के भीतर सभी कृशि भूमि मिशन मोड में सिंचित भूमि कर दिया जायेगा। 

अधिकांश राज्यों में गैर कृशक, कृशि भूमि नहीं खरीद सकता मगर षडयंत्रपूर्वक इन परदेशियॉ सरकारो द्वारा नियमों को बदलकर छत्तीसगढ़ियॉ किसानों के जमीन गैर कृशक और गैर छत्तीसगढियों द्वारा खरीदा जा रहा है। यह दोनों सरकारों कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल में जमकर किया गया और किया जा रहा है ।  हमारी सरकार बनने पर कृशक भूमि सिर्फ छत्तीसगढ़ियॉ कृशक ही खरीद पायेगा।  अनुसूचित जनजाति की जमीन सिर्फ अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति की जमीन सिर्फ अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछ़डा वर्ग की जमीन सिर्फ अन्य पिछ़डा वर्ग के छत्तीसगढ़ियॉ कृशक ही खरीद पायेगा। 

छत्तीसगढ़ में उत्पादित सभी कृशि उत्पादकों का राज्य स्तरीय एमएसपी स्वामी नाथन कमेटी के मूल्यों को देखते हुए लागू किया जायेगा। और साथ ही खरीदी की भी पूर्ण व्यवस्था किया जायेगा।  कृशि को उद्योग का दर्जा देकर आधुनिकीकरण किया जायेगा साथ ही कृशि संगत व्यवसाय, पशु पालन, मछलीपालन, उद्यानिकी के उत्पादन और व्यापार को विश्वस्तरीय स्तर पर स्थापित करेंगे। पृथक से कृशि बैंक की स्थापना किया जायेगा।  सभी जिलों और ब्लॉकों में कृशि विज्ञान केन्द्रों और महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। सभी जिला और ब्लॉकों तथा प्रमुख नगरों और बड़े गॉवों में कृशि मंडियों और कोल्ड स्टोरों की स्थापना किया जायेगा। 

2- शिक्षाः-आजादी के 75 सालों बाद भी छत्तीसगढ़ पूर्ण रूप से साक्षर राज्य नहीं बन पाया है इन 75 सालों में तीन-तीन पीढ़ियॉ पैदा होकर मर गयी लेकिन कांग्रेस के 55 सालों और भाजपा के 20 सालों के शासन सत्ता में छत्तीसगढ़ पूर्ण साक्षर राज्य नहीं बन पाया यह इन निकम्मी दोंनो पार्टियों और उनके नेता जो दिल्ली के लिये सिर्फ लूटने का कार्य करती रही।  वहीं इसके लिये जिम्मेदार है। 

जिस समाज और राज्य की आधी आबादी निरक्षर होगी जिनको अ ब स द तक नहीं आता हो क्या वह समाज और राज्य उन्नत समाज और राज्य बन सकता है? जो हमारी गरीबी, हमारी बेरोजगारी, हमारे पिछडे़पन, हमारे कुपोशण, हमारे शोशण का सबसे बड़ा कारण है।  इन दोनों परदेशियॉ पार्टी और उसके परदेशियॉ डीलरों के द्वारा हमें शिक्षा से पीढ़ियों से वंचित रखकर हमारा शोशण करना और करते रहना।  हमें पीढ़ियों से अशिक्षित रखकर शराब और गांजे, अफीम के नशा में डूबोकर रखा गया है ताकि हम अपने शोशण के विरूद्ध और अत्याचार के विरूद्ध आवाज ना उठा सके।  शिक्षित हो जायेंगे तो इन परदेशियॉ पार्टियों और परदेशियॉ डीलर नेताओं का शोशण खत्म हो जायेगा।  अगले 05 सालों में 100 पूर्ण साक्षरता हासिल किया जायेगा ।  छत्तीसगढ़ देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य बनेगा।  हमारी सरकार सभी छत्तीसगढ़ियों को निशुल्क अंग्रेजी माध्यम स्कूली शिक्षा 12वीं तक प्रदान करेगी साथ ही महाविद्यालयीन, विश्वविद्यालयीन, तकनीकी सभी प्रकार की शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से निशुल्क प्रदान किया जायेगा साथ ही छत्तीसगढ़ी भाशा को शिक्षा के सभी स्तरों में स्थापित किया जायेगा साथ ही वृहत हॉस्टल सुविधाओं का चैन (श्रृंखला) स्थापित किया जायेगा।

छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इजीनियरिंग कालेज हॉस्टल सहित स्थापित किया जायेगा।  छत्तीसगढ़ को शिक्षा का हब के तौर पर विकसित किया जायेगा।  विश्वस्तरीय विदेशी शिक्षण संस्थानों की शाखा को भी छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जायेगा साथ ही प्रत्येक वर्श 10,000 छत्तीसगढियॉ छात्रों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने हेतु विदेश भेजा जायेगा ताकि बेहतर मानव संसाधन का विकास किया जा सके। 

3-रोजगारः- छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा में अतका संसाधन है कि ओकर सबो लोग लईका मन संपन्नता के साथ बेहतरीन शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और रहन सहन के वैश्विक पैमाना के साथ जीवन जी सकथे।  लेकिन परदेशियॉ राजनैतिक पाटियों और उनके डीलर नेताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी को 75 सालों से लगातार इतना लूटा जा रहा है, कि आज ज्यादातर राजनैतिक सत्ता और पदों पर गैर छत्तीसगढ़ियों, साथ ही प्रशासनिक पदों पर उद्योग व्यापार पर और जमीन जायदाद पर भी गैर छत्तीसगढ़ियों का कब्जा लगातार बढ़ते जा रहा है।  छत्तीसगढियॉ दिनों दिन गरीब होते जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ में किसी भी पदों में क्लास 01 से क्लास 04 तक सिर्फ छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों की भर्ती किया जायेगा।  छत्तीसगढ़ के बाहर के आवदेन स्वीकार नहीं किया जायेगा।  छत्तीसगढ़ के प्राईवेट सेक्टर में भी सभी पदों पर छत्तीसगढ़ियों को पहली प्राथमिकता दिया जायेगा तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को सरकारी भर्ती, पदोन्नति में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी (प्रतिनिधित्व) दिया जायेगा।  साथ ही निजी क्षेत्र में भी न्यायसंगत तरीके से वैज्ञानिक तार्किक पद्धति से सभी वर्गो की भागीदारी (प्रतिनिधित्व) को स्थापित किया जायेगा। 

4-स्वास्थ्यः- छत्तीसगढ़ आज भारत का सबसे कुपोशित राज्य है इन परदेशियॉ पार्टियों के 75 सालों के सत्ता में रहते हुए भी सबसे ज्यादा बीमार राज्य बना के रखा गया है।  छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर, मातृत्व मृत्यु दर, कुपोशण और औसत आयु के मामले में छत्तीसगढ़ भारत के राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है।  छत्तीसगढ़ की स्थिति अफ्रीका के कांगो और सुडान जैसे अति गरीब देशों से भी बत्तर है।  आज भी छत्तीसगढ़ बस्तर, सरगुजा, जशपुर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में स्वास्थ्य के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और भ्रश्टाचार।  इन 75 सालों में परदेशियॉ पार्टियों द्वारा किया गया है।

छत्तीसगढ़ महतारी की सरकार बनने के बाद सभी जिलों में एम्स जैसी विश्वस्तरीय संस्थानों का निर्माण किया जायेगा साथ ही प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज और प्रत्येक ब्लॉक में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना किया जायेगा। सभी छत्तीसगढ़ के निवासियों के स्वास्थ्य सुविधा पूरी तरह से निःशुल्क रहेगा। यह राज्य का प्राथमिक दायित्व है अपने नागरिकों के लिये। 

साथ ही सभी वैश्विक स्तर के चिकित्सा सुविधाओं को पूरे छत्तीसगढ़ में सभी छत्तीसगढ़ियों के लिये स्थापित किया जायेगा। सभी वैश्विक बा्रंडेड सस्थानों को छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जायेगा। 

5- सामाजिक न्यायः- छत्तीसगढ़ पिछ़ले 75 सालों से सामाजिक अन्याय की भूमि बनी हुई है और यह इसलिये है क्योंकि पिछले 75 सालों से छत्तीसगढ़ पर छत्तीसगढ़ से बाहर स्थापित कांग्रेस भाजपा के द्वारा राज किया जा रहा है।  जिनका छत्तीसगढ़ से कोई संबंध नहीं है।  सिर्फ इस अमीर धरती और यहॉ के गरीब लोगों को दिल्ली में बैठे आकाओं के द्वारा अपने ठेकेदारों के माध्यम से लूटना है।  सामाजिक न्याय से तात्पर्य है संविधान द्वारा स्थापित वर्गो अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछ़डा वर्ग, अल्यसंख्यकों, सामान्य और महिलाओं को उनके जनसंख्या के अनुपात में संपत्ति, संसाधन अवसर, नियुक्ति पदों में भागीदारी, हिस्सेदारी, प्रतिनिधित्व का होना है। 

क्या छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जाति, 15 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 50 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग नागरिकों को और इन सभी में 50 प्रतिशत महिलाओं को राजनैतिक, शैक्षणिक, नौकरियों और संपत्ति संसाधनों पर अधिकार छत्तीसगढ़ में स्थापित किया गया है ? तो इसका उत्तर होगा नही।  किसी स्तर में इनके साथ न्याय नहीं किया गया है। 

छत्तीसगढ़ महतारी की सरकार बनने के बाद स्थानीय अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्प संख्यकों महिलाओं को विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, प्रशासन तथा संपत्ति संसाधनों के वितरण में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी, हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व प्रदान कर शत प्रतिशत सामाजिक न्याय की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जायेगी। 

6- आर्थिक न्यायः-छत्तीसगढ़ भारत के सबसे गरीब राज्यों में है इसलिये छत्तीसगढ़ के लिये कहा जाता है ‘‘सबसे अमीर धरती के सबसे गरीब लोग‘‘ ।  हम छत्तीसगढ़ में संसाधनों में सबसे अमीर राज्य है लेकिन 75 सालों के परदेशियॉ पार्टियों की लूट और यहॉ छत्तीसगढियॉ चोला पहन डीलर नेताओं के चलते आज छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों को बेतहासा लूटा जा रहा है।  मेहनतकश छत्तीसगढ़ियॉ किसान, मजदूर लोग आज गरीबी, कुपोशण, नशा, अशिक्षा और निम्न जीवन स्तर पर जीवन जीने के लिये मजबूर है। 

छत्तीसगढ़ महतारी के बेटा-बेटियों की सरकार बनने के बाद सभी प्राकृतिक संसाधनों का सहकारिता के आधार पर स्थानीय लोगों द्वारा संसाधनों का उत्पादन और व्यवसाय किया जायेगा।  किसानों के उत्पादनों के लिये स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशो को लागू कर छत्तीसगढ़ के किसानों को भारत का सबसे समृद्ध किसान बनाया जायेगा।  मजदूरों को देशभर के राज्यों के सबसे अधिक मजदूरी दिया जायेगा।  पॉच सालों के भीतर छत्तीसगढ़ से गरीबी को संपूर्ण रूप से समाप्त कर दिया जायेगा।  सामाजिक सुरक्षा यहॉ के महिलाओं, बुजुर्गो, असहायों, बच्चों को प्रदान किया जायेगा ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। 

छत्तीसगढ़ को भारत के सबसे समृद्ध राज्य और यहॉ नागरिकों को सबसे समृद्ध नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, संपत्ति, भागीदारी, रोजगार में बनाना है और छत्तीसगढ़ियॉ स्वाभिमान को स्थापित करना है और परदेशियॉ गुलामी से छत्तीसगढ़ को मुक्त करना है। 

7 राजनैतिक सत्ताः- दूनियॉ में लोकतंत्र की स्थापना के बाद से दूनियॉ के देशों और राज्यों का संपूर्ण संचालन राजनैतिक सत्ता के द्वारा होता है।  हमारे छत्तीसगढ़ का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के 75 सालों से छत्तीसगढ़ का राजनैतिक सत्ता हमेशा से छत्तीसगढ़ के बाहर से स्थापित पार्टी और लोगों अर्थात दिल्ली में स्थापित कांग्रेस और भाजपा के द्वारा संचालित किया जा रहा है और यहॉ अपने-अपने डीलरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में दिल्ली के गुलाम सरकार का संचालन कर छत्तीसगढ को 75 सालों से लूटा जा रहा है। 

हमारा मानना है कि जिस पार्टी का नेरवा अर्थात जन्म और नियंत्रण, निवास छत्तीसगढ़ में हो, वहीं छत्तीसगढ़ की महतारी का सेवा कर सकता है और स्वतंत्र रूप से छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का विकास कर सकता है।  हमारे संसाधन, धन संपत्ति जो पिछले 75सालों से यहॉ कांग्रेस और भाजपा के डीलरों के द्वारा लूट-लूट कर दिल्ली पहुंचाया जा रहा है उसे तुरंत रोका जाना जरूरी है। इसके लिये छत्तीसगढ़ियॉ राजनैतिक पाटियों को सत्ता, सरकार और विपक्ष में होना जरूरी है हमें डीलर नहीं, लीडर पैदा करना है।  जो सिर्फ छत्तीसगढ़ के लिये समर्पित जिम्मेदार हो नाकि किसी दिल्ली में बैठे राजाओं के जमीदार के तौर पर लगान वसूल वसूल के अपनी जमीदारी बचाने के लिये छत्तीसगढ़ में संसाधनों की लूट कर दिल्ली का घर भरते रहे। 

विधायक की टिकट पाने के लिये पैसा, मंत्री बनने के लिये पैसा, मुख्यमंत्री बनने के लिये पैसा और बने रहने के लिए हफ्ता देते रहना पिछले 75 सालों से सत्त् चल रहा है और छत्तीसगढियॉ लोगों की खून-पसीने की कमायी इन दिल्ली के डीलरों (जमीदारों) द्वारा लूटकर पहुंचायी जा रही है। 
छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी छत्तीसगढ़ को सिर्फ छत्तीसगढ़ियों के विकास, उन्नति के लिये स्थापित किया गया संगठन है जिसका जन्म भी छत्तीसगढ़ में हुआ है और नियंत्रण भी छत्तीसगढ़ में रहेगा।  दिल्ली की गुलामी से मुक्ति छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी का आधार और उद्देश्य है। 

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छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी भारत का एकमात्र राजनीतिक दल है जो क्राउडफंडिंग के माध्यम से 100% चलता है और प्राप्त प्रत्येक रुपये का हिसाब रखता है